"जिस्मों पर हक मिल जाते है बेशक रीति रिवाजों से "रूह"जिसकी दीवानी है उसे ही तो इश्क कहते है" -------------------------------------------------------------- "96" ये मूवी आज फिर से देखी....अब तो शायद याद भी नहीं...कितनी बार आज की इंस्टेंट 2 मिनट्स मैगी वाली पीढ़ियों के तो ऊपर से गुजर जाएगी ये लव स्टोरी…... प्रेम की तीव्रता....ठहराव....समर्पण...पवित्रता सब कुछ तो है.... होती है,ऐसी भी अपवाद सी मोहब्बत आज के दौर में भी जिसके फ़साने नहीं लिखे जाते, न बोले जाते.... न ही सुने जाते.. वो तो सिर्फ..... जिए जाते है....."96" उनकी ही कहानी है 🥲
"तेजी से पायदान चढ़ती अर्थव्यवस्था और चुनौतियां" भारत के अर्थव्यवस्था आज एक पायदान ऊपर चौथे नंबर पर आ चुकी है.....भले ही हम बहस कर ले महगांई,गरीबी,बेरोजगारी आदि पर...पर सच ये है प्रति व्यक्ति आय में इजाफा हुआ है भारतीयों द्वारा क्रय शक्ति इसका उदाहरण है भारत का ऑटोमोबाइल उद्योग देश की कुल जीडीपी में 6% का योगदान देता है। वहीं, यह देश में 3 करोड़ लोगों को रोजगार दे रहा है भारतीय रिजर्व बैंक ने वित्त वर्ष 2024-25 में 57.5 टन सोना खरीदा, जो वैश्विक अस्थिरता के बीच सुरक्षित निवेश के रूप में सोने के बढ़ते महत्व को दर्शाता है। इस खरीद के साथ आरबीआई का कुल सोना भंडार 879.6 टन तक पहुंच गया है, जिससे विदेशी मुद्रा भंडार में सोने का हिस्सा बढ़कर 11.8% हो गया है जो अब तक का रिकॉर्ड है भारत का रक्षा निर्यात 2013-14 में ₹686 करोड़ से बढ़कर 2023-24 में ₹21,083 करोड़ और 2024-25 में ₹23,622 करोड़ हो गया है। इस साल देश का लक्ष्य बाकी दुनिया को ₹35,000 करोड़ के रक्षा उपकरण निर्यात करना है। पोस्ट लंबी हो जाएगी उदाहरणों से...पर पोस्ट का लब्बो लुबाब ये है...भारत की ये आर्थिक प्रगति और आत्मनिर्भरत...
हार और जीत के पार बनाया है मैंने यूँ अपना किरदार बनाया है मैंने सच्चाई से एक झूठे का साथ दिया , साए को दीवार बनाया है मैंने मुझ से होकर सारे मौसम गुज़र गए, ख़ुद को जालीदार बनाया है मैंने तेरे छूने से भी नहीं भरेंगे अब , ज़ख्मों को खुद्दार बनाया है मैंने
Comments
Post a Comment